“जब सैयां भय कोतवाल, तब डर काहे का” ना टेंडर, ना शिलान्यास, ना पार्क, सिर्फ उद्घाटन और निकल गए 1.10 करोड़ रुपए

  • लव सीटीपीएस पार्क बनाने के नाम पर हुआ घोटाला
  • चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन, धनबाद में वर्ष 2023 में पूरा करना था योजना

धनबाद | “जब सैयां भय कोतवाल, तब डर काहे का” ये कहावत बिल्कुल सटीक है इस खबर के लिए जहां ना टेंडर, ना शिलान्यास, सिर्फ अधिकारियों ने किया उद्घाटन और निकल गया सीटीपीएस पार्क बनाने का राशि 1.10 करोड़ रुपए। इतना बड़ा गबन बगैर किसी बड़े अधिकारी की मिली भगत से संभव ही नहीं है।

मामला है केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाला दामोदर घाटी निगम(डीवीसी) के चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन(सीटीपीएस) धनबाद का। करीब दो वर्ष पूर्व 2023 में कॉलोनी सौंदर्यकरण के नाम पर 1.10 करोड़ रुपए से लव सीटीपीएस पार्क बनना था। सूत्रों के अनुसार 9 जून 2023 को डीवीसी के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा बड़े धूमधाम से पार्क का उद्घाटन हुआ और सारे पैसे की निकासी भी हो गई। पर पार्क लोगों को खोजने पर भी नहीं मिल रहा।

जानकारी के अनुसार सिविल विभाग के तत्कालीन परियोजना प्रमुख के आदेश पर यह कार्य होना था। लेकिन, पार्क निर्माण कार्य टेंडर होने के पहले ही खत्म हो चुका और उद्घाटन भी हो गया।

उच्चस्तरीय जांच कमिटी का गठन

जब यह मामला सामने आया तो डीवीसी के विजिलेंस विभाग द्वारा एक उच्चस्तरीय जांच कमिटी का गठन किया गया। जिसमें सिर्फ पार्क का उद्घाटन पाया। ना पार्क दिखी, ना टेंडर प्रक्रिया दिखा। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय सतर्कता आयोग ने जांच कर विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप साबित किया।

करवाई का इंतजार

मालूम हो कि दो वर्ष पूर्व इस मामले में अब तक लोगों को करवाई का इंतजार है। हालांकि कुछ सिटीपीएस कॉलोनी में ये चर्चा है कि जब बात उच्च अधिकारियों की है तो फिर करवाई की कोई उम्मीद नहीं है। “जब सैयां भय कोतवाल, तब डर काहे का” और बात भी करोड़ों रुपए का है। हालांकि इस मामले में धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो से बात करने का प्रयास किया गया पर बात नहीं हो सका।

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