मां भगवती देवी के ओज-तेज से खिलखिला उठे पूजा पंडाल, लौहनगरी में गूंज उठे देवी के जयकारे
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

जमशेदपुर | विशुद्ध आध्यात्मिक व शास्त्रीय रूप से चल रहे नवरात्र अनुष्ठान, सोमवार से दुर्गोत्सव के रूप में लोकोत्सव बनने की ओर बढ़ चला। विधि-विधान से आज महासप्तमी तिथि में मां की प्रतिमाओं में प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। षष्ठी तिथि में लगभग सभी दुर्गा पूजा पंडालों में मां की प्रतिमाएं स्थापित कर दी गईं।
कलश यात्रा संग मां को पंडाल तक लाए भक्त
मां दुर्गा के स्वागत के लिए जमशेदपुर के दुर्गा पूजा समितियों द्वारा बडौदा घाट, स्वर्णरेखा घाट, बेली बोधनवाला घट, नारवा नदी तक कलश यात्रा निकाली और पूजा की। इस अवसर पर देवी का वरण, अधिवास और आरती की गई। जैसे ही मां दुर्गा अपने मायके पहुंचीं, ढाक की थाप और उलू ध्वनि से वातावरण गूंज उठा। रविवार को बेल वृक्ष के नीचे षष्ठी पूजा के साथ शारदीय दुर्गा उत्सव का शुभारंभ हुआ। ब्राह्मण पुरोहितों और सुहागिनों ने मां का वरण (आह्वान) किया। सप्तमी पूजा से पूर्व महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली।



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