…साहब स्क्रैप में बेच रहे थे रेल के पुर्जे, आरपीएफ और क्राइम ब्रांच की तत्परता से हुआ खुलासा
- आरपीएफ ने स्क्रैप टाल में छापेमारी कर 3 टन रेल के पुर्जे को जब्त किया, टाल संचालक अनिल शर्मा गिरफ्तार।
- वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (एसएसई) गुड्स एंड वैगन स्टोर के अजितेश कुमार को भी भेजा गया जेल।

जमशेदपुर | फर्जी दस्तावेज बनाकर वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (एसएसई) गुड्स एंड वैगन स्टोर के अजितेश कुमार बड़ी संख्या में रेल के पुर्जे को स्क्रैप टाल में बेच रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर आदित्यपुर आरपीएफ इंस्पेक्टर अजीत सिंह और क्राइम ब्रांच के आरबी सिंह ने टीम बनाकर एनएच 33 डिमना स्थिति स्क्रैप टाल में छापेमारी कर 3 टन ईएम पैड जब्त किया, जिसकी कीमत लाखों में बताई जा रही है। साथ ही टाल संचालक अनिल शर्मा को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी रेल अधिकारी अजितेश कुमार और स्क्रैप टाल संचालक अनिल शर्मा को मंगलवार को न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेज दिया गया।
बिचौलियों की सहायता से फर्जी मुहर और लेटर हेड में होता था काम

जानकारी देते हुए आदित्यपुर आरपीएफ इंस्पेक्टर अजीत सिंह ने बताया कि पूरे मामले की तफ्तीश करने पर पता चला कि रेल अधिकारी द्वारा बिचौलिया रख इस पूरे खेल को अंजाम दिया जाता था। उन्होंने बताया कि कोलकाता के एसआरएम कंपनी का अशद अंसारी इस पूरे क्रम में अहम भूमिका निभाता था। कंपनी से रेल के लिए आए हुए ईएम पैड को स्क्रैप घोषित कर अधिकारी द्वारा फर्जी मुहर और लेटर हेड बनाकर उसे टाल में बेचता और उसका हिस्सा बांटता। जानकारी देते हुए आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि इस तरह का खेल चक्रधरपुर मंडल के टाटानगर, आदित्यपुर, बंडामुण्डा और अन्य स्टेशनों पर भी चल रहा है जिसकी जांच चल रही है। बिचौलिया अशद अंसारी की तलाशी के लिए छापेमारी जारी है और ट्रांसपोर्टिंग के लिए इस्तेमाल वाहन की भी खोजबीन जारी है। छापेमारी टीम में क्राइम ब्रांच से आरबी सिंह और अन्य उपस्थित थे।

आखिर कितने दिनों से चल रहा है खेल
पूरे मामले की जानकारी आग की तरह पूरे चक्रधरपुर रेल मंडल में फैल गई। जिसके बाद चर्चा तेज है। मालूम हो कि खुलासा होने से पहले अधिकारी ना जाने कब से इस तरह का खेल कर रहा था। चर्चा है कि अब तक करोड़ो रुपए के रेल के पुर्जे स्क्रैप में बेचा जा चुका है।
इस पूरे मामले से जुड़े जितने भी लोग है सभी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। इस मामले के तह तक जाकर पूरे सिंडिकेट का खुलासा किया जाएगा।
अजीत सिंह, इंस्पेक्टर, आरपीएफ आदित्यपुर।



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