पंचायत क्षेत्र में राजस्व संग्रहण की एक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं सतत प्रणाली विकसित करने को लेकर प्रशिक्षण

  • दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन
प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित अधिकारी एवं कर्मी

जमशेदपुर | राज्य सरकार एवं पंचायती राज विभाग, झारखंड के निर्देशानुसार पंचायतों के वित्तीय सशक्तिकरण को बढ़ावा देने हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन 28 एवं 29 नवम्बर को जिला पंचायत संसाधन केंद्र(डीपीआरसी) जमशेदपुर में किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को स्वयं के राजस्व स्रोत की जानकारी प्रदान करना तथा ग्राम स्तर पर राजस्व सृजन के माध्यम से वित्तीय आत्मनिर्भरता विकसित करना रहा। सभी 11 प्रखंडों के पंचायती राज से संबंधित अधिकारी एवं कर्मियों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण के दौरान राज्य स्तरीय प्रशिक्षक अजय कुमार मिश्र एवं सुशांत कुमार ढोके ने प्रतिभागियों को विभिन्न तकनीकी, व्यवहारिक एवं प्रबंधन संबंधी विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया जिनमें ग्राम पंचायतों के स्वयं के राजस्व स्रोतों(ओएसआर) की पहचान, वर्गीकरण एवं उनकी महत्ता। ओएसआर संवर्धन हेतु रणनीतियां एवं पंचायत स्तर पर व्यवहार्य कार्ययोजना निर्माण की प्रक्रिया। कर भुगतान के प्रति ग्रामीणों में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने, ग्राम विकास योजनाओं में ओएसआर के प्रभावी उपयोग एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उपाय। नवीन वित्तीय विकल्प जैसे पीपीपी मॉडल, सीएसआर फंड एवं स्थानीय निवेश के अवसर। सतत संसाधन सृजन हेतु राजस्व पूर्वानुमान, योजना निर्माण एवं कार्यान्वयन प्रक्रिया। एसडब्लूओटी विश्लेषण के माध्यम से पंचायतों की वित्तीय स्थिति का यथार्थ मूल्यांकन। ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) में परियोजना प्रबंधन कौशल का व्यावहारिक उपयोग।

समापन सत्र में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल संचालन जिला पंचायत राज पदाधिकारी रिंकू कुमारी एवं डीपीएम राजू झा ने किया । उन्होंने सभी मुखिया एवं सचिवों से अपील की कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में लाकर अपने पंचायत क्षेत्र में राजस्व संग्रहण की एक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं सतत प्रणाली विकसित करें। 

Post Comment

You May Have Missed