झारखंड की होगी ग्लोबल एंट्री, देश का पहला राज्य बनेगा

  • 11 सदस्यीय अधिकारिक प्रतिनिधिमंडल होगा शामिल।
दावोस की तैयारियों की समीक्षा करते मुख्यमंत्री व अन्य।

रांची | मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुआई में अब झारखंड की ग्लोबल एंट्री होने वाली है, जिसमें निवेश, विकास और पर्यावरण का नया अध्याय लिखने जा रहा है। खनिज के मामले में झारखंड की तूती बोलती ही है पर अब झारखंड अपनी पहचान वैश्विक स्तर पर बनने की दिशा में बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुआई में दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित मंच वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (दावोस) में अपने दमदार एंट्री दर्ज कराने जा रहा है। यह यात्रा ना सिर्फ झारखंड की आर्थिक आकांक्षाओं को राष्ट्रीय उड़ान देगी बल्कि राज्य की पहचान को वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में 11 सदस्यीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल 18 जनवरी से 26 जनवरी तक स्विट्जरलैंड, यूनाइटेड किंगडम और ऑक्सफोर्ड का दौरा करेगा। इसे लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने कार्यालय में तैयारियों की समीक्षा की।

दावोस में होने वाली वार्षिक बैठक में सरकार, बिज़नेस, सिविल सोसायटी के दुनिया भर के नेता वैश्विक मुद्दों को सुलझाने और प्राथमिकताएं तय करने के लिए आगे की सोच वाली चर्चाओं में शामिल होने के लिए इकट्ठा होंगे। साहसिक सामूहिक कार्रवाई की अपील इस मीटिंग को खास तौर पर महत्वपूर्ण बनाती है।

इन विषयों पर होगी बैठक

  • भू-राजनीतिक और सामाजिक बदलावों के समय विचारों और आइडिया के आदान-प्रदान के लिए एक निष्पक्ष मंच के रूप में काम करेगा।
  • नज़रिए को व्यापक बनाने के लिए अलग-अलग तरह की आवाज़ों को शामिल करेगा।
  • ग्लोबल चुनौतियों में समस्याओं को सुलझाने के लिए चीज़ों को जोड़ेगा और उन्हें बढ़ावा देगा।
  • पूरी तरह से भविष्य पर केंद्रित रहेगा, जिसमें नई टेक्नोलॉजी और काम आने वाली जानकारी पर ध्यान दिया जाएगा।

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