उद्यमी कैरव गांधी अपहरण मामले का एसएसपी ने किया खुलासा
- पुलिस ने दो देशी कट्टा, चार राउंड गोली, घटना में प्रयुक्त स्कार्पियों (बीआर 01पीबी 1062) को जब्त किया।
- 6 को भेजा जेल, 6 और की तलाश, जमशेदपुर से 2 लोग भी है शामिल; छापेमारी जारी।

जमशेदपुर | जमशेदपुर पुलिस ने युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण के मामले का पुलिस ने उद्भेदन कर दिया है। जिले के कप्तान एसएसपी पियूष पांडेय ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में संवादाता सम्मेलन कर इसका खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2024 से ही कैरव गांधी के अपहरण की योजना बन रही थी। जमशेदपुर के दो लोग रेकी करते थे जबकि दो बार अक्तूबर में और फिर दिसंबर माह में दो बार बिहार के नालंदा, गयाजी और पटना के अपराधी आये थे। पूरे एरिया की जानकारी ली थी और फिर अपहरण किया था।
ऐसे किया अपहरण
अपहरण 13 जनवरी को किया गया था। कदमा सोनारी लिंक रोड के एयरपोर्ट गोलचक्कर पर अपहरण की घटना को एक गाड़ी से अंजाम दिया गया था। इसके बाद सीएच एरिया होते हुए सोनारी होते हुए डोबो के रास्ते सारे लोग चांडिल होते हुए बिहार चले गये थे। यह बताया गया कि गयाजी के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में अपराधियों ने कैरव गांधी को एक घर में रखा था। जब पुलिस की दबिश बनी तो अपराधियों ने कैरव गांधी को छोड़ दिया।

इसके बाद से पुलिस ने दबिश बनानी शुरू की, जिसके बाद 6 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों में बिहार के नालंदा के इस्लामपुर निवासी गुड्डू सिंह, इमरान आलम उर्फ आमर, रमीज राजा, गयाजी के बुनियादगंज के उपेंद्र सिंह और पटना के आगमकुआं निवासी मोहन कुमार प्रसाद शामिल है। उनके पास से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कार्पियों (बीआर 01पीबी 1062), दो देशी कट्टा, चार राउंड गोली जब्त किया।
पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान गया निवासी अर्जुन सिंह उर्फ आर्यन छत से गिरने से घायल हो गया। इसके बाद तीन लोगों को यहां लाया गया, जिनको लेकर पुलिस की टीम सीएच एरिया साई मंदिर के पास के झाड़ियों में बीती रात लेकर गयी, जहां अपराधियों ने पुलिस के ही हाथों से कार्बाइन छिनकर उन पर फायरिंग की, जिसकी जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलायी, जिससे तीनों घायल हो गये। पुलिस को अभी इस गिरोह के 6 लोगों की और तलाश है। वहीं, जमशेदपुर में इन अपराधियों को कैरव गांधी की सारी जानकारी देने वाले दो लोगों की तलाश भी की जा रही है।



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