श्रावणी मेला : क्यू आर कोड स्कैन करे होगा समस्या का समाधान

  • अत्याधुनिक हुआ देवघर का श्रावणी मेला, क्यू आर कोड और बार कोड के माध्यम से दे सकेंगे अपना राय
  • असुविधा की शिकायत पर 15 मिनट में पहुंचेगी टीम।
प्रशासन द्वारा जारी इसी क्यू आर कोड के माध्यम से आप अपडेट रह सकते है।

देवघर |  राज्य सरकार के निर्देशानुसार राजकीय श्रावणी मेला, 2025 के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और उनकी आवश्यकता पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि देवतुल्य श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ की नगरी से एक अच्छी अनुभूति प्राप्त कर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें। साथ ही मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप विभिन्न नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। उक्त जानकारी उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा द्वारा दी गई। उन्होंने बताया कि इस श्रद्धालु मेला क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न आवश्यक जानकारी के साथ मार्ग मानचित्र, यातायात सहायता, आपातकालीन सेवा, ऑपरेटर से सम्पर्क, दिशा निर्देश, ठहरने की सुविधा, लाइव अपडेट्स एवं खोया एवं पाया उपरोक्त से संबंधित सुविधा पाने के लिए क्यू आर कोड को स्कैन करने की आवश्यकता है।

असुविधा होने पर लगे क्यू आर कोड स्कैन करें, होगा 15 मिनट में समाधान

इसके अलावा श्रावणी मेला के दौरान मेला क्षेत्र में असुविधा या कमी दिखने पर क्यू आर कोड को स्कैन कर तस्वीर के साथ समस्या को साझा कर सकते हैं, जिसके पश्चात 15 मिनट में समस्या का समाधान किया जाएगा। साथ ही समस्या के मोनेटरिंग हेतु कंट्रोल रूम में एक विशेष सेल बनाया गया है, ताकि मानीटर पर समस्या दिखते ही उस पर तत्काल कार्य करते हुए समस्या का समाधान किया जा सके। इसके अलावा शौचालय, पानी, होल्डिंग प्वाइंट, प्रशासनिक शिविर और स्वास्थ्य शिविर में सुविधा नहीं मिल रही है। साफ-सफाई नहीं है या आप सुविधा से असंतुष्ट हैं अथवा कोई सुधार चाहते हैं या कांवरिया रूटलाइन या होल्डिंग प्वाइंट पर परेशानी है तो तत्काल उस जगह लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर तस्वीर के साथ समस्या को साझा कर सकते हैं। इस सुविधा हेतु बारकोड स्कैन करते ही गूगल पेपर खुलेगा। उसमें शिकायत करने का ऑप्शन आएगा। शिकायत भरने के बाद जरूरत हो तो तस्वीर भी साझा कर दें। आपकी ओर से किया गया शिकायत और अपलोड किया गया फोटो कंट्रोल रूम के सिस्टम में डाउनलोड होते ही उस पर संबंधित विभाग को टैग कर उसके समाधान का निर्देश दे दिया जाएगा, जिसके पश्चात मेला में प्रतिनियुक्त टीम वहां पहुंच जाएगी। सिस्टम को इस तरह विकसित किया गया है कि 15 मिनट में समस्या का समाधान हो जाना है, ताकि मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।

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