जिले में झोला-छाप डॉक्टरों व अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन का शिकंजा

चतरा | जिले में झोला-छाप डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों की लापरवाही से लगातार गंभीर घटनाएँ सामने आने के बाद चतरा जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। हाल ही में दो मरीजों की मौत तथा होटल में अवैध नर्सिंग होम संचालित होने की पुष्टि के बाद प्रशासन ने क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट अधिनियम के तहत संबंधित डॉक्टरों एवं संचालकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किया है। उपायुक्त कीर्तिश्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुमंडल स्तर पर जांच समितियों का गठन किया है तथा दोषियों के विरुद्ध विधि-सम्मत कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
होटल में नर्सिंग होम का खुलासा
प्रशासन को मिली सूचना के आधार पर 02 सितम्बर 2025 को अनुमंडल पदाधिकारी, चतरा जहूर आलम एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की टीम ने जांच की। जांच के क्रम में पाया गया कि एक होटल का बोर्ड लगाकर अंदर अवैध रूप से नर्सिंग होम का संचालन किया जा रहा था, जहाँ कई मरीज भर्ती थे। संचालक मौके से फरार हो गए। उक्त अवैध नर्सिंग होम को सील करते हुए संचालक पंकज जायसवाल एवं रोहित जायसवाल के विरुद्ध सदर थाना चतरा में कांड संख्या-295/25 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
अनुमंडलवार जांच समिति गठित
उपायुक्त द्वारा गठित समितियाँ इस प्रकार हैं चतरा अनुमंडल समिति : अनुमंडल पदाधिकारी, चतरा (अध्यक्ष), प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटखोरी, कार्यपालक दंडाधिकारी, चतरा एवं अंचल अधिकारी, हंटरगंज। सिमरिया अनुमंडल समिति : अनुमंडल पदाधिकारी, सिमरिया (अध्यक्ष), प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिमरिया, कार्यपालक दंडाधिकारी, सिमरिया एवं अंचल अधिकारी, सिमरिया।
इलाज के लिए सदैव पंजीकृत चिकित्सकों एवं मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थानों का ही सहारा लें। साथ ही किसी भी संदिग्ध क्लिनिक या झोला-छाप डॉक्टर की सूचना तुरंत जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएँ, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। कीर्तिश्री, उपायुक्त, चतरा।



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