“साइंस ऑफ राजयोग मेडिटेशन” विषय पर आठ दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

जमशेदपुर | प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, यूनिवर्सल पीस पैलेस रीट्रीट सेन्टर जमशेदपुर में सोमवार से “साइंस ऑफ राजयोग मेडिटेशन” पर आठ दिवसीय प्रशिक्षण व कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। मुम्बई से आये राजयोगी राजीव गुप्ता, राजयोग प्रशिक्षक, शोधकर्ता व गीता विद्वान ने प्रथम सत्र में संबोधित कर कहा कि मन का पहला नियम है कि हम जैसा सोचते हैं वैसा ही अनुभव करते हैं इसलिए हमें सदैव सकारात्मक चिंतन कर सकारात्मक जीवन शैली अपनाना चाहिए। हमारे सोच से भावनाएं बनती, भावनाओं से वृति बनती है और वृति से संस्कार बनते हैं। अच्छा एवं बुरा संस्कार बनाना ये हमारा पसंद है। वर्तमान समय मनुष्यों में ज्यादा नकारात्मक भावनाएं उदासी, बैचैनी, ईर्ष्या, द्वेष, घृणा, नफरत, अपराधबोध, शर्म आदि गलत सोच बढ़ते ही जा रहे हैं। रोज 15 मिनट राजयोग मेडिटेशन अभ्यास से सहज ही हम जीत सकते हैं।
ये है कार्यक्रम
इस अवसर पर वरिष्ठ राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अंजू ने कहा कि 2 और 3 फरवरी को सेवाकेंद्र में रहने वाले समर्पित ब्रह्माकुमारी बहनों और भाईयों के लिए रखा गया है। 4 से 5 फरवरी तक सेन्टर से जुड़े सभी भाई बहनों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र रखा गया है। 6, 7 व 8 फरवरी को विभिन्न राज्यों के लोग हिस्सा लेंगे। कोल्हान क्षेत्र के हल्दीपोखर, बलरामपुर , बहरागोड़ा, गालूडीह, चांडिल एवं टाटीसिलवे, पतरातू, हजारीबाग, बरही आदि स्थानों से भी भाई बहनें सम्मिलित हो रहे हैं। कार्यक्रम में विभिन्न सेवाकेंद्रों के 45 समर्पित ब्रह्माकुमारी बहनें एवं ब्रह्माकुमार भाई हिस्सा ले रहे हैं।



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