प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पर जागरूकता कार्यशाला सम्पन्न

चतरा| जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट सह प्रशिक्षण भवन हॉल में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पर आधारित एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एमएसएमई विकास कार्यालय, रांची (एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार) तथा मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्योग विकास बोर्ड, चतरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त कीर्तिश्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की रूपरेखा, उद्देश्य और लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि 13 हजार करोड़ रुपये के बजट प्रावधान वाली इस महत्वाकांक्षी योजना में 18 पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है। योजना के तहत शिल्पकारों और कारीगरों को प्रमाणपत्र एवं पहचान-पत्र जारी कर औपचारिक पहचान दी जाएगी। लाभुकों को पहले चरण में एक लाख रुपये तक और दूसरे चरण में दो लाख रुपये तक का ऋण मात्र पाँच प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही लाभुकों को कौशल विकास प्रशिक्षण, टूलकिट, डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन राशि और मार्केटिंग सहयोग भी प्राप्त होगा।

कार्यशाला में योजना को विशेष रूप से पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों जैसे बढ़ई, नाव बनाने वाले, अस्त्र-शस्त्र बनाने वाले, लोहार, ताला बनाने वाले, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी-चटाई-झाड़ बनाने वाले, पारंपरिक गुड़िया और खिलौना निर्माता, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी और मछली का जाल बनाने वालों के लिए है, ताकि वे अपने हुनर को निखारने और बेहतर रोज़गार के अवसर प्राप्त करने की जानकारी दी गई।
ये थे उपस्थित
इस अवसर पर उपविकास आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सिन्हा, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति रांची के उप महाप्रबंधक संतोष कुमार सिन्हा, कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग के क्षेत्रीय निदेशक विनोद कुमार दुबे, एमएसएमई रांची के संयुक्त निदेशक इंद्रजीत यादव और सहायक निदेशक सुरेन्द्र शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।



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