डोभो का 56 होटल और ढाबा बना अवैध बार, खुलेआम पिलाई जा रही शराब
- शराब पिलाने के लिए स्थानीय प्रशासन को प्रति दुकान दस हजार और उत्पाद अधिकारी को पांच हजार रुपए प्रति दुकान जाता है सेवा।
- अक्सर नशे में युवक करते है मारपीट, होती है कई घटनाएं।
- सरकार को लाखों का राजस्व देने के बावजूद लाइसेंसधारी बार संचालकों और उत्पाद नियमों को ठेंगा दिखा रहे ये अवैध होटल और ढाबा।
- ड्राय डे में शराब बेचने और पिलाने का विशेष पैकेज

सरायकेला | जमशेदपुर शहर से सटे सरायकेला-खरसावां जिले का डोभो इन दिनों काफी चर्चा में है। चर्चा इसलिए कि उत्पाद नियमों की धज्जियां उड़ा कर वहां के होटलों और ढाबों में अवैध रूप से खुलेआम शराब पिलाया जा रहा है। मालूम हो कि इससे लाइसेंसी बार संचालकों को भारी नुकसान हो रहा है साथ ही साथ सरकार को भी बड़े पैमाने पर राजस्व की हानी हो रही है।

प्रति वर्ष लगभग 1 करोड़ की होती है उगाही
सूत्रों के मुताबिक होटल संचालक स्थानीय थानेदार को 10 हजार रुपए प्रति माह और 5 हजार रुपए उत्पाद विभाग को सेवा पहुंचाते है, जिसके बाद ही उन्हें अवैध बार वैध तरीके (यानी कि खुलेआम) संचालित करने की अनुमति दी जाती है। मालूम हो कि होटलों और ढाबों में अवैध रूप से शराब पिलाने के लिए सरकारी बाबुओं की सहमति की आवश्यकता होती है जिसके लिए यह अनुदान देना आवश्यक है।
नेटवर्क के माध्यम से चलता है व्यापार
सूत्रों के मुताबिक करोड़ों का यह खेल नेटवर्क के माध्यम से चलता है, जिसमें सरकारी अधिकारी खुद सामने ना आकर स्थानीय एक महुआ व्यापारी और अन्य दलाल को पैसा तहसीलने के लिए लगाकर रखे है।

शराब के नशे में होती है घटनाएं
मालूम हो कि डोभो से लेकर कानदरबेड़ा चौक तक लगभग 56 होटल और ढाबा है। सभी में अवैध रूप से खुलेआम शराब पिलाया जाता है। मुख्य सड़क पर होटल और ढाबा रहने के कारण नशे में युवक होटलों और सड़कों पर लड़ाई करते है साथ ही सड़क दुर्घटना जैसी कई अप्रिय घटना भी घटती है।

सब सेटिंग है आराम से पीजिये…
डोभो स्थित एक लाइसेंसी शराब दुकान में जब हमारी टीम पहुंची तो दुकान में मौजूद व्यक्ति ने कहा कि आप खुलेआम बाहर भी शराब पी सकते है। जब प्रशासन के बारे में पूछा गया तो कहता है सब सेटिंग है आराम से पीजिये।
ड्राय डे में शराब बेचने के लिए विशेष पैकेज
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगर किसी दुकानदार को ड्राई डे में भी शराब बेचना और पिलाना है तो दलाल द्वारा इसका संदेश स्थानीय थाना को देना पड़ता है। जिसके बाद 5 से 10 हजार रुपये का सेवा शुल्क प्रति दिन देना पड़ता है।
इन दुकानों में होता है शराब बेचने और पिलाने का काम
डोभो डिलाइट, सिंह ढाबा, द मैरीन, बेरा होटल, वुडन पाईनस, अरोमा होटल, बाला होटल, देव होटल, फूड अड्डा, पांडेय होटल, महतो होटल, गोल्डी होटल, सीजन 27, ओपन स्काई, राजेश होटल, न्यू पिहू होटल सहित कुल 56 दुकानों में होता है कारोबार।
अवैध शराब पिलाने को लेकर कोई जानकारी नहीं है। इस क्षेत्र में एक होटल को बार लाइसेंस मिला है। अगर बात सही है तो छापेमारी की जाएगी।
क्षितिज मिंज, उत्पाद अधीक्षक, सरायकेला-खरसावां



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