उपायुक्त की अध्यक्षता में दर्जनों विभाग की समीक्षा बैठक
- खरीफ तैयारी, हाट-बाजार राजस्व, सहकारिता एवं आजीविका योजनाओं पर दिया गया विशेष बल, विभागीय योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश

जमशेदपुर | समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में बुधवार को कृषि, उद्यान, मत्स्य, सहकारिता, बाजार समिति, भूमि संरक्षण, जेएलएलपीएस एवं पशुपालन विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों को योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान बाजार समिति के पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिले के सभी हाट-बाजारों से पिछले 5 वर्षों में हुए राजस्व संग्रहण का विस्तृत डाटा अद्यतन रूप में उपलब्ध कराएं, ताकि राजस्व वृद्धि की संभावनाओं का विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
पशुपालन विभाग के पदाधिकारी को मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के चिन्हित लाभुकों के बीच गाय, बकरी, सुकर, कुक्कुट आदि का वितरण अगले 10 दिनों में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही वितरण से पूर्व सभी पशुधन का बीमा कराने तथा किसी भी क्षति की स्थिति में बीमा कंपनी के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भी पशुधन वितरण हेतु बरसात के पूर्व लाभुकों के चयन की प्रक्रिया पूर्ण करने तथा लाभुक अंशदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने को कहा गया।
सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान संबंधित पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि राइस मिलरों के साथ समन्वय स्थापित कर लैम्पसों में संग्रहित धान का शीघ्र उठाव सुनिश्चित करें। साथ ही किसानों को समय पर उनका बकाया भुगतान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने लैम्पसों को और अधिक सक्रिय बनाने तथा किसानों को सहकारिता से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया।
कृषि विभाग को निर्देश दिया गया कि खरीफ फसल के मद्देनजर बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए बरसात से पूर्व किसानों के बीच समय पर बीज वितरण किया जाए। साथ ही उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता, कृषि यंत्रों के उपयोग को बढ़ावा देने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अद्यतन उपयोग तथा कृषि विस्तार गतिविधियों को गांव स्तर तक प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने किसानों को मौसम आधारित खेती एवं आधुनिक तकनीकों के उपयोग के लिए प्रेरित करने को भी कहा।
उद्यान विभाग की समीक्षा में निर्देश दिया गया कि फल एवं सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जाए। ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई जैसी सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए जल संरक्षण के साथ उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही नर्सरी विकास, पौध वितरण एवं बागवानी क्लस्टर के विकास में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
मत्स्य विभाग को निर्देशित किया गया कि जिले में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने हेतु जलाशयों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। लाभुकों के चयन में पारदर्शिता बरतते हुए मछली बीज वितरण, तालाब निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्यों में तेजी लाने तथा मत्स्य पालकों को तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही मत्स्य सहकारी समितियों को सशक्त करने पर भी बल दिया गया।
भूमि संरक्षण विभाग को निर्देश दिया गया कि जल संरक्षण एवं मिट्टी कटाव रोकने हेतु संचालित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए। विशेष रूप से जल संचयन संरचनाओं का निर्माण पर बल दिचा गया ताकि किसानों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
जेएलएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) की समीक्षा के दौरान स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने, महिला समूहों की आयवृद्धि के लिए नवीन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा बैंक लिंकेज को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में नवाचार अपनाते हुए अधिक से अधिक परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए।
बैठक में उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा योजनाओं की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हो तथा जमीनी स्तर पर परिणाम दिखना चाहिए। बैठक में सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।



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